इराक़ में "अलफ़त्ह" गठबंधन के सासंद "अदी अश्शालान" ने स्पष्ट किया है कि पूरे मध्यपूर्व के विनाश के उद्देश्य से अमरीका ने एक षडयंत्र पर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस अमरीकी षडयंत्र के अन्तर्गत इराक़ में दाइश को पुनर्जीवित करना है।
इस इराक़ी सांसद का कहना था कि इस अमरीकी योजना के अन्तर्गत पहले इराक़ में आतंकवादी गुट दाइश को पुनर्जीवित किया जाएगा और फिर उससे वहां पर हिंसक एवं विध्वंसक कार्यवाहियां कराई जाएंगी। यही कारण है कि हालिया दिनों में इराक़ के भीतर कई आतंकी कार्यवाहियां की गईं जिनकी ज़िम्मेदारी दाइश ने ली। अमरीका का आशीर्वाद प्राप्त आतंकियों से इराक़ के स्वयंसेवीबल हश्दुश्शाबी पर हमले कराए जा रहे हैं क्योंकि हश्दुश्शाबी ही इराक़ में दाइश की सबसे बड़ी बाधा है।
इराक़ में दाइश को फिर से सक्रिय करने के कार्यक्रम के अन्तर्गत इराक़ से मिलने वाली सीरिया की सीमा पर हालिया सप्ताहों में कई संदिग्ध कार्यवाहियां नोट की गई है। जानकार सूत्रों का कहना है कि दाइश के आतंकवादियों को अमरीकी हैलिकाप्टरों में भरकर सीरिया से लगने वाली इराक़ी सीमा पर पहुंचाया जा रहा है ताकि मौक़ा मिलते ही यह आतंकवादी, इराक़ में घुसकर अमरीका द्वारा बताई गई हिंसक कार्यवाहियों को शुरू कर सकें। इराक़ के हिज़बुल्लाह के प्रवक्ता ने बताया है कि इराक़ तथा सीरिया की सीमा और जार्डन से मिलने वाली इराक़ी सीमा पर तकफीरी आतंकवादी गुट दाइश को ट्रेनिंग दी जाती है जिनको बाद में क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
अलमयादीन टीवी चैनेल की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमरीकी हैलिकाप्टर पिछले कुछ समय से पूर्वोत्तरी सीरिया की जेलों से दाइश के बंदियों को कुछ चरणों में इराक़ में अमरीकी छावनी में पहुंचा रहे हैं। इराक़ी राष्ट्रीयता वाले इन क़ैदियों को पहले एक स्टेडियम में जमा किया जाता है और फिर अमरीकी नेतृत्व में अमरीकी हैलिकाप्टरों द्वारा उनको सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है। यह सारी बातें, इसकी पुष्टि करती हैं कि अमरीका, इराक़ में आतंकी गुट दाइश को पुनर्जीवित करके क्षेत्र को विनाश की कगार की ओर ले जाना चाहता है।
हालांकि यह एक वास्तविकता है कि इराक़ से दाइश का सफाया किया जा चुका है किंतु अब भी वहां पर उसके कुछ आतंकी भूमिगत होकर कार्यवाहियां करते रहते हैं। इन दाइशी आतंकियों को अमरीका और ज़ायोनी शासन का पूरा समर्थन हासिल है। इराक़ के जानकार सूत्रों का कहना है कि हाल ही में गिरफ़्तार किये गए एक दाइशी ने पूछताछ के दौरान बताया है कि इराक़ में दाइश के कई आत्मघाती, हमले करने के लिए तैयार बैठे हैं। इस आतंकी ने बताया कि वे केवल आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वैसे इराक़ के भूतपूर्व प्रधानमंत्री यह कह चुके हैं कि देश के स्वयंसेवीबल हश्दुश्शाबी, में दाइश को परास्ज करने की क्षमता अब भी मौजूद है। इराक़ के प्रतिरोधक गुटों का कहना है कि अगर विदेशी शक्तियां उनके कामों में हस्तक्षेप न करें तो वे दाइश को फिर एसा सबक़ सिखाएंगे जिसे यह आतंकवादी हमेशा याद रखेंगे।